PM AASHA Yojana 2026 : किसानों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बनी यह सरकारी योजना, अब फसल के गिरते दामों की टेंशन होगी खत्म
पीएम आशा योजना: किसानों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बनी यह सरकारी योजना, अब फसल के पैमाने के पैमाने के लक्ष्य होंगे खत्म
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान: इस दौरान किसानों का बंपर उत्पादन लगातार बाजार में बिकता रहता है, जिससे किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम आशा) को और मजबूत किया है।

PM-AASHA: खेती-किसानी में किसानों के लिए खेती करना आसान होता है, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खेती को वाजिब नुकसान पर पहुंचाना है। जिससे उनकी लागत के साथ-साथ मेहनत भी सार्थक हो जाये। लेकिन फ़सल की बम्पर निर्मिति बार-बार बाज़ार में होती रहती है। इससे किसानों को फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा) शुरू किया था।
यह अब और अधिक प्रभावशाली बना दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा हक मिले और बाजार के जोखिम से उनकी जेब सुरक्षित रहे। आइए जानते हैं ये योजना कैसे काम करती है, किसान इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं…
अब 40 प्रतिशत तक उपज को एमएसपी पर खरीदेगी सरकार
‘पीएम-आशा योजना’ के तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की सौगात दी गई है।
सरकार ने अब दालों, तिलहन और खोपरा जैसी दुकानों के लिए खरीद का कोटा बढ़ा दिया है। नए शेयरों के अनुसार, खरीद की सीमा उत्पादन के 25 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक कर दी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि किसान अब अपनी उपज का बड़ा हिस्सा सरकारी दर पर बेच सकता है, जिससे उसकी आय में वृद्धि हो सकती है।
PM-AASHA का फ़ायदा कैसे है?
पीएम-आशा योजना के लिए तीन अलग-अलग मॉडल लागू किए गए हैं, ताकि हर तरह के किसान इस योजना से जुड़ सकें-
सरकारी पाइपलाइन सीधे किसानों से फसल खरीद हैं।
फसल डेफिशिएन्सी प्लास्टिक स्टॉक (पीडीपीएस): बाजार मूल्य और एमएसपी के अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में निकलती है।
निजी प्रोक्योर्मेंट और स्टॉकिस्ट स्टॉक (पीपीपीएस): निजी कंपनियों को भी खरीद के लिए मंजूरी दी जाती है।
पीएम आशा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले राज्य सरकार के कृषि पोर्टल या आशा-आशा के आधिकारिक मंच पर नामांकन का आयोजन करना होगा। नामांकन के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और सरल रखी गई है। आपका आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के उत्खनन के लिए नामांकन। नौकरी के लिए आवेदन के बाद नौकरी की व्यवस्था की जाती है। इसके आधार पर किसान अपनी उपज सरकारी खरीद पर बेच सकते हैं। खरीद की जानकारी किसानों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी दी जाती है।